-:: अनमोल मोती – 381 ::-

१. बाज़ औकात जहाँमे यह बात आती है के हम ज़बान से सच या जुठ बोलकर सब लोगोको राज़ी और मुतमइन कर लेंगे. सचका बोलबाला होता है और झूठ चाहे कितना ही तेज़ क्यों न हो सच उसको हमेशा पकड़ लिया करता है. इस लिए ज़िंदगीकी बुन्याद सच पर रखनेकी ज़रूरत है.

२. हज़रत अली रदियल्लाहो तआला अन्होका फरमान है के हर इंसान अपनी ज़ुबानके निचे छुपा होता है. मतलब के जब तक वोह बात ना करे उसे अकलमंद ही समझा जाएगा. बेवकूफीका पता तो तब चले जब वोह बात करे. इस लिए किसीने कहा है के अकलमंद सोच कर बोलता है और बेवकूफ बोल कर सोचता है. इस लिए बुज़ुर्गाने कहा है के पहले तोलो फिर बोलो. बात करनेसे पहले हमें खुद ही सोच लेना चाहिए के हमें यह बात करनी चाहिए या नहीं. इस लिए के मोके पर कही हुवी बात सोनेकी सलाईकी मानिंद होती है.

3 .हुक़्माने लिखा  जुबानकी सूरत देख कर डॉक्टरको  बंदके हाज़मेका अंदाज़ा हो जाता है, बिलकुल इसी तरह ज़बानकी शिरनी को देखकर बन्दकी खुश अख़लाक़ीका अंदाज़ा हो जाता है. इन्सानकी गुफ्तगू बता देती है के यह कैसा  इन्सान है. यह संवारा हुवा इंसान है या बिगड़ा हुवा इंसान है. इस लिए हमें अपनी ज़ुबानका अच्छे अन्दाज़से इस्तेमाल करना चाहिए.

  1. अगर कोई बंदा हमें बुरी बात कहे रहा हो तो हमें बुराईका जवाब अच्छाईके साथ चाहिए. अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है (तर्जुमा) तुम बुराई का बदला दो. (हवाला:-  पारा- 24, सुर-ऐ-हाम्मीम सजदह)
  2. अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त को छे चीज़े ना-पसंद है. (१) ऊँची आँखे. गली हुवे अनकहे एक दूसरेको तकती फायर यह अल्लाह नहीं. (२).. जूठी जुबान, के जब बोले तो जुठ निकले। हदीसे पाकमें आता है के जब बंदा झूठ बोलता है तब उसके मुहसे इतनी बदबू निकलती है के नेकिया लिखनेवाले फरिश्ते उससे दूर हो जाते है. (3). कई मर्तबा इंसानके दिल पर ज़ुल्मत  इतनी होती है के हर वकत ये मंसूबा सोच रहा  गुनाह किसे कर सकू. ऐसा दिल अल्लाह तआला को बहुत ना-पसंद है. (4). बुराई की तरफ चलने वाले कदम अल्लाह तआला को ना पसंद है. (5). बे-गुनाह इंसान को दुःख देनेवाले हाथ अल्लाह तआला को ना-पसंद है. (6). जुदाई डालनेवाले इंसान अल्लाह तआला को ना-पसंद है.
  3. एक जुठ को छुपाने के लिए बार-बार जुठ बोलना पड़ता है. और अल्लाह तआलाके नज़दीक जुठो में सुमार हो जाता है. याद रहे के हमेशा अल्लाह रब्बुल इज़्ज़तकी मदद साच्चोके साथ होती है. अल्लाह हुक्म के हमें सच बोलनेका हुक्म फ़रमाया है.
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About aelan

નામ : અબ્દુલ રશીદ મુનશી જન્મ તારીખ : ૧૫/૦૭/૧૯૫૪ જન્મ ભૂમિ : જુનાગઢ (Saurashtra) Gujarat-India અભ્યાસ : એમ.એ., બી.એડ. એલ.એલ.બી. વ્યવસાય : ઓફીસ અધ્યક્ષ સ્થળ : સ્વામી વિવેકાનંદ વિનય મંદિર, જુનાગઢ. મોબાઈલ નંબર : ૦૯૪૨૮3૭૮૬૬૪ ઈ-મેલ : arashidmunshi@gmail.com
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