-:: अनमोल मोती – 367 ::-

(1) सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के अय मुहाजेरीन की जमात! पांच आफ़ते ऐसी है जिनसे में रबकी पनाह मांगता हूँ.
(a) जब कॉममें खुल्लम-खुल्ला बदकारिया होने लगती है तब अल्लाह तआला उन पर ऐसी मुसीबते उतरता है.
(b) जब कोई कॉम तोल-माप में कमी करती है तो उन पर गरीबी आती है , अकाल आता है और उस कौम पर ज़ालिम बादशाह (सरदार-आगेवान) मुक़र्रर कर दिया जाता है.
(c) जब कोई कॉम अपने मालकी सही तरह ज़कात अदा नहीं करती तो सूखे अकालमे मुब्तेला कर दी जाती है. अगर ज़मीन पर परिंदे और चरिन्दे न होते तो कभी बारिस नहीं बरसती.
(d) जब कोई कॉम अल्लाह अज़वजल और उसके रसूल सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लमके वादे तोड़ती है तो उनपर ऐसे दुश्मन मुब्तेला कर दिए जाते है जो उनकी माल-मिलकत छीन लेते है.
(e) अगर कोमके रहबर (सरदार-आगेवान) अल्लाह तआलाकी किताब (कुर्राने करीम) के मुताबिक़ फैसला नहीं करते तब उनके दिलोमे एक-दूसरेका डर पेवस्त हो जाता है.
(२) सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के…..
(a) बुरे काम, बुरी आदते जैसे के गुरूर, हसद, लालच, तकब्बुर, किना, बोहतान, चुगली, जुठ वगैरासे बातेनी वज़ू टूट जाता है. इन बुरे कामोसे सच्ची तौबा की जाए.
(२) जिस बनदेने ताज़ा वज़ू किया उसने अपने इमानको ताज़ा किया और दूसरी हदीश शरीफमें आया है के वज़ू पर वज़ू करना नूर अल्लाह नूर है.
(3) सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के ईमानवालोके लिए अच्छा गुमान रखो.
(४) हज़रत अली करमल्लाह वजहुल करीमसे रिवायत है के हर दुवा क़ुबुलियतसे तब तक रोक दी जाती है जब तक के सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम पर दरूद शरीफ न पढ़ा जाए. (हवाला:- बैहक़ी शरीफ)
(५) हज़रत इब्ने ओमर रदियल्लाहो तआला अन्होंसे रिवायत है के सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के “कुल-या-अइयोहल-काफ़ेरून” सवाब में कुर्रान शरीफ़के एक चौथाई हिस्से के बराबर है. (हवाला:- तिब्रानी शरीफ)
(६) हज़रत अबू सईद खुदरी रदियल्लाहो तआला अन्होंसे रिवायत है के सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के “कूल होवल्लाहो अहद” की सूरत कुर्रान शरीफके तीसरे हिस्सेके बराबर है तीन मरतबा पढ़ली जाए तो एक मर्तबा कुर्रान शरीफ पढ़ने के बराबर सवाब मिलता है. (हवाला:- बुखारी शरीफ)
(7) हज़रत अनस रदियल्लाहो तआला अन्होंसे रिवायत है के सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के “सूरे फातेहा” याने अलहम्दो शरीफ कुर्राने पाकमें सबसे बेहतर है.
(८) हज़रत उकबा बिन आमिर रदियल्लाहो तआला अन्होंसे रिवायत है के सरकारे दोआलम सल्लल्लाहो अलयहे वसल्लम का इरशाद है के मुझपर ऐसी आयते उतारी गई है के ऐसी और कही नही देखी गई. मसलन “कुल-अऊज़ो-बे-रब्बिल-फलक” और “कूल-आऊज़ो-बे-रब्बिल-नास” (हवाला:- तिर्मिज़ी शरीफ)

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About aelan

નામ : અબ્દુલ રશીદ મુનશી જન્મ તારીખ : ૧૫/૦૭/૧૯૫૪ જન્મ ભૂમિ : જુનાગઢ (Saurashtra) Gujarat-India અભ્યાસ : એમ.એ., બી.એડ. એલ.એલ.બી. વ્યવસાય : ઓફીસ અધ્યક્ષ સ્થળ : સ્વામી વિવેકાનંદ વિનય મંદિર, જુનાગઢ. મોબાઈલ નંબર : ૦૯૪૨૮3૭૮૬૬૪ ઈ-મેલ : arashidmunshi@gmail.com
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